ओडिशा में करोड़ों का भ्रष्टाचार: इंजीनियर के फ्लैट से नकदी बरामद, खिड़की से उड़े नोटों के बंडल!
भुवनेश्वर:ओडिशा की सतर्कता टीम ने शुक्रवार को एक ऐसा मामला उजागर किया है जो भ्रष्टाचार की बड़ी जड़ों और आम जनता के धन की लूट की कहानी कहता है। राजधानी भुवनेश्वर में एक सरकारी मुख्य अभियंता के फ्लैटों से करोड़ों रुपये की नकदी और आभूषण बरामद किए गए, जिस दौरान आरोपी अधिकारी ने सतर्कता अधिकारियों को देखते ही खिड़की से 500 रुपये के नोटों के बंडल फेंकना शुरू कर दिया!
कौन है आरोपी?
- नाम: बैकुंठ नाथ सारंगी
- पद: मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर), प्लान रोड्स आरडब्ल्यू डिवीजन, भुवनेश्वर
- आरोप: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना (Disproportionate Assets)
छापेमारी और बरामदगी: करोड़ों का खुलासा
ओडिशा पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (विजिलेंस) और सतर्कता विभाग ने विशेष न्यायाधीश विजिलेंस से प्राप्त वारंट के आधार पर शुक्रवार को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई सारंगी के खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के तहत की गई।
1. भुवनेश्वर स्थित फ्लैट:
- यहां से लगभग 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।
- सबसे चौंकाने वाला पल तब आया जब सतर्कता अधिकारी फ्लैट पर पहुंचे। माना जा रहा है कि सारंगी ने उन्हें आते देखकर खिड़की से 500 रुपये के नोटों के बंडल फेंकना शुरू कर दिया!
- हालांकि, अधिकारियों ने सतर्कता दिखाई और गवाहों की मौजूदगी में उन सभी फेंके गए नोटों के बंडलों को बरामद कर लिया।
2. अंगुल जिले (करदागड़िया) स्थित आवास:
- यहां से भी भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। इस दो मंजिला आवासीय मकान से 1.1 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए।
3. अन्य स्थान:
- पुरी जिले के पिपिली (सिउला) में फ्लैट: यहां भी छापेमारी की गई।
- सारंगी के पैतृक घर (अंगुल जिला): तलाशी ली गई।
- अंगुल जिले में सारंगी के रिश्तेदारों के घर: तलाशी ली गई।
- कार्यालय (आरडी प्लानिंग एंड रोड, भुवनेश्वर): सारंगी के कार्यालय में भी छापेमारी जारी है।
कुल बरामदगी (अभी तक): दोनों फ्लैटों से मिलाकर लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपये नकद के अलावा आभूषण भी बरामद किए गए हैं। यह रकम एक सरकारी इंजीनियर की ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक है।
जांच का आधार और चल रही कार्रवाई
- यह कार्रवाई बैकुंठ नाथ सारंगी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में चल रही जांच का हिस्सा है।
- विजिलेंस विभाग को सारंगी के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति होने की जानकारी मिली थी।
- इसी शक के आधार पर विस्तृत जांच शुरू की गई और उनकी विभिन्न संपत्तियों की पहचान की गई।
- अधिकारियों ने बताया कि गवाहों की मौजूदगी में बरामदगी की प्रक्रिया पूरी की गई है ताकि कार्रवाई पारदर्शी रहे।
- जांच अभी भी जारी है। अधिकारी सारंगी की सभी संपत्तियों, बैंक खातों और लेन-देन की गहन जांच कर रहे हैं। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया और प्रश्न
इस मामले ने ओडिशा में एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और बेनामी संपत्तियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- आम नागरिकों के मन में सवाल: एक इंजीनियर के पास इतनी बड़ी रकम नकद कैसे आई? क्या यह सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं या अन्य कार्यों से जुड़ा हुआ भ्रष्टाचार है?
- व्यवस्था पर सवाल: इस घटना से जनता का सरकारी विभागों और अधिकारियों पर विश्वास और डगमगाता है। सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे अधिकारी लंबे समय तक कैसे बिना पकड़े रह पाते हैं?
- कड़ी कार्रवाई की मांग: जनता और सामाजिक संगठनों की ओर से मांग की जा रही है कि इस मामले में त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके। साथ ही, बरामद धन को सार्वजनिक हित में वापस लाने की प्रक्रिया भी पारदर्शी होनी चाहिए।
निष्कर्ष
बैकुंठ नाथ सारंगी के फ्लैटों से करोड़ों की नकदी बरामद होना और उनका सतर्कता अधिकारियों को देखकर खिड़की से नोट फेंकना, ओडिशा में भ्रष्टाचार के एक बड़े और बेबाक चेहरे को उजागर करता है। यह घटना सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी प्रणाली में व्याप्त गड़बड़ियों की ओर इशारा करती है। अब सभी की निगाहें विजिलेंस की जांच पर टिकी हैं कि वह इस मामले को किस तरह आगे बढ़ाती है और क्या ऐसे और लोगों तक पहुंच पाती है जो भ्रष्टाचार की इस जंजीर में शामिल हो सकते हैं। जनता को न्याय और पारदर्शिता की उम्मीद है।

No comments: