मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर चौंकाने वाली रिपोर्ट: 60% 9वीं के छात्रों को नहीं आता 7 का पहाड़ा

 मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर चौंकाने वाली रिपोर्ट: 60% 9वीं के छात्रों को नहीं आता 7 का पहाड़ा  

  परख 2024 सर्वे में उजागर हुई शिक्षा की चिंताजनक स्थिति  

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी 'परख 2024' (PARAKH - Performance Assessment, Review, and Analysis of Knowledge for Holistic Development) रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की खराब हालत सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 60% नौवीं कक्षा के छात्र 7 का पहाड़ा तक नहीं बता पाते। इसके अलावा, 69% छात्र दशमलव का उपयोग नहीं कर पाते और 45% छठी कक्षा के बच्चों को 100 तक की गिनती भी नहीं आती। 

प्रतीकात्मक चित्र 

   सर्वे का दायरा और मुख्य निष्कर्ष  

परख 2024 सर्वेक्षण में कक्षा 3, 6 और 9 के करीब 1.40 लाख छात्रों को शामिल किया गया। इसमें 1992 प्राथमिक, 1737 माध्यमिक और 2010 हाई स्कूलों का आकलन किया गया। सर्वे का मुख्य उद्देश्य छात्रों की बुनियादी गणितीय, वैज्ञानिक और भाषाई क्षमताओं का मूल्यांकन करना था।  

   9वीं कक्षा के छात्रों की दयनीय स्थिति 

  • 48% छात्र अपनी पाठ्यपुस्तकों को पढ़ और समझ नहीं सकते।  
  • 69% छात्र अनुपात और दशमलव के बेसिक कॉन्सेप्ट्स नहीं जानते।  
  • 64% को ज्यामिति (रेखा, कोण, त्रिभुज) की समझ नहीं।  
  • 60% छात्र वर्गमूल और घनमूल नहीं निकाल पाते।  
  • 73% छात्र प्रतिशत निकालने में असमर्थ हैं।  
  • 62% बच्चों को बीजगणित के सवाल हल करने में दिक्कत होती है।  

   विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में भी पिछड़ापन

  • 60% छात्र पदार्थ और उसके गुणों के बारे में नहीं जानते।  
  • 71% छात्र प्राकृतिक घटनाओं के कारणों से अनजान हैं।  
  •  60% छात्रों को इतिहास में हुए महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी नहीं।  

   6वीं कक्षा के छात्रों की हालत भी खराब 

  • 45% छात्र 100 तक की गिनती नहीं कर पाते।  
  • 43% बच्चों को सम और विषम संख्याओं का ज्ञान नहीं।  
  • 56% छात्र दूरी, लंबाई और समय की गणना नहीं कर पाते।  
  • 54% बच्चों को आकाशीय पिंडों (चंद्रमा, तारे, ग्रह) की पहचान नहीं।  

   क्या सरकारी प्रयास नाकाफी हैं? 

मध्य प्रदेश सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, जैसे:  

  •  सांदीपनि स्कूल योजना (जर्जर स्कूलों का उन्नयन)।  
  •  योग्य शिक्षकों की नियुक्ति।  
  •  मध्याह्न भोजन और यूनिफॉर्म की सुविधा।  

लेकिन, परख 2024 की रिपोर्ट बताती है कि इन प्रयासों का सीधा लाभ छात्रों तक नहीं पहुंच रहा।  

   क्या मध्य प्रदेश राष्ट्रीय औसत से बेहतर है?  

हालांकि राज्य की शिक्षा व्यवस्था चिंताजनक है, लेकिन कुछ मामलों में यह राष्ट्रीय औसत से आगे है:  

  •  9वीं कक्षा के छात्रों ने भाषा में 2% और गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान में 1% बेहतर प्रदर्शन किया।  
  •  6वीं कक्षा के गणित में लड़कों ने 1% और लड़कियों ने 2% बेहतर स्कोर किया।  
  •  3री कक्षा के छात्रों ने भाषा में 3% बेहतर प्रदर्शन किया।  

   निष्कर्ष: क्या करने की जरूरत है?  

इस रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मूलभूत शिक्षण कौशल पर ध्यान देना होगा। सरकार को:  

1. शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम मजबूत करने होंगे।  

2. बुनियादी गणित और भाषा कौशल पर विशेष फोकस करना होगा।  

3. छात्रों की व्यावहारिक समझ बढ़ाने के लिए इंटरएक्टिव शिक्षण तकनीकों को अपनाना होगा।  

अगर समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो यह समस्या राज्य के भविष्य के लिए गंभीर संकट बन सकती है।

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