राशन कार्ड धारक सावधान! 30 अप्रैल तक नहीं कराया ई-केवाईसी तो मई से बंद हो सकता है राशन

30 अप्रैल तक नहीं कराया ई-केवाईसी तो मई से बंद हो सकता है राशन

मध्य प्रदेश सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य बना दिया है। आप लोगो को तो पता ही होगा की देश में हर शासकीय या प्राइवेट कोई भी काम हो उनमे हमारे आधार के बिना कुछ भी नही होता वैसे ही अब हमारी सरकार ने ये सुनिश्चित किया है की अब हमारे राशन कार्ड को भी आधार से जोड़ दिया जाये जिससे किसी भी प्रकार की परेशानी न हो राशन कार्ड धारक को और उसके हिस्से का राशन सिर्फ उसे ही मिले कोईऔर न ले सके इसलिए ये सराहनीय कदम उठाया गया है !


अगर आपने अभी तक अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है, तो 30 अप्रैल 2025 की अंतिम तिथि से पहले जल्द से जल्द यह काम निपटा लें। नहीं तो, मई महीने से आपको राशन लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आइए, समझते हैं कि यह प्रक्रिया क्यों ज़रूरी है और इसे पूरा करने के लिए क्या करना होगा।


   ई-केवाईसी क्यों है ज़रूरी?  

सरकार का उद्देश्य राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुचारु बनाना है। ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक नो-फिजिकल वेरिफिकेशन) के ज़रिए हितग्राहियों की वास्तविक पहचान सुनिश्चित की जाती है। इससे नकली या डुप्लीकेट राशन कार्डों पर रोक लगेगी और केवल योग्य लाभार्थियों को ही राशन मिल पाएगा।  


- अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2025 तक।  

- न करने पर नुकसान: मई से राशन न मिलने की आशंका।  

- विशेष अभियान: 9 से 30 अप्रैल तक शिविरों और ऐप के माध्यम से प्रक्रिया आसान बनाई गई है।  


   घर बैठे ई-केवाईसी कैसे कराएं? 'मेरा ई-केवाईसी' ऐप का उपयोग  

सरकार ने लाभार्थियों की सुविधा के लिए "मेरा ई-केवाईसी" नामक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप वृद्ध, दिव्यांग और सामान्य सभी लोगों के लिए उपयोग में आसान है।  


   ऐप से ई-केवाईसी करने के स्टेप्स: 

1. ऐप डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर से "मेरा ई-केवाईसी" ऐप इंस्टॉल करें।  

2. लॉगिन: राशन कार्ड से लिंक्ड मोबाइल नंबर और आधार नंबर डालें।  

3. OTP वेरिफिकेशन: मोबाइल पर आए ओटीपी को एंटर करें।  

4. परिवार के सदस्यों का चयन: ऐप पर दिखाए गए सदस्यों की सूची में से अपने परिजनों का चयन करें।  

5. बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: अंगूठे का निशान लगाकर प्रक्रिया पूरी करें।  


  ध्यान रखें: 

- आपके पास आधार कार्ड और लिंक्ड मोबाइल नंबर होना चाहिए।  

- एक बार में पूरे परिवार की ई-केवाईसी की जा सकती है।  


   गाँव और वार्ड स्तर पर लग रहे हैं ई-केवाईसी शिविर  

अगर आपको ऐप का उपयोग करने में दिक्कत हो रही है, तो चिंता न करें। सरकार ने हर जिले के गाँव और वार्डों में विशेष ई-केवाईसी शिविर आयोजित किए हैं।  


   शिविरों की खास बातें:  

- पीओएस मशीन के ज़रिए प्रक्रिया: शिविर में उपस्थित अधिकारी आपके अंगूठे के निशान से ई-केवाईसी पूरा कराएंगे।  

- समय सुविधाजनक: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिविर चलेंगे।  

- दस्तावेज़: केवल आधार कार्ड की छायाप्रति और मूल राशन कार्ड लेकर जाएँ।  


  टिप: अपने क्षेत्र के शिविर का पता लगाने के लिए जिला आपूर्ति अधिकारी या स्थानीय राशन डीलर से संपर्क करें।  


   वृद्ध और दिव्यांग लाभार्थियों के लिए विशेष सुविधा  

सरकार ने बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए घर-घर जाकर ई-केवाईसी की व्यवस्था की है।  


- घर बैठे सुविधा: अगर आपके परिवार में कोई वृद्ध या दिव्यांग सदस्य है, तो टोल-फ्री नंबर (उदाहरण: 1800-XXX-XXX) पर कॉल करके टीम को बुलाया जा सकता है।  

- दस्तावेज़ संग्रहण: टीम स्वयं आपके घर आकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और दस्तावेज़ों की प्रक्रिया पूरी करेगी।  


   ई-केवाईसी न कराने के नुकसान 

- राशन वितरण पर रोक: मई से आपके राशन कार्ड को निष्क्रिय कर दिया जाएगा।  

- पुनः सक्रियता में समय: बाद में प्रक्रिया पूरी करने पर भी राशन मिलने में कई हफ़्तों की देरी हो सकती है।  

- ऑनलाइन शिकायत निवारण बंद: शिकायत दर्ज करने के लिए भी ई-केवाईसी अनिवार्य होगी।  


   अंतिम अपील: समय रहते कराएँ ई-केवाईसी 

सरकार ने यह प्रक्रिया लाभार्थियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए शुरू की है। अगर आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो आज ही निर्धारित शिविर में जाएँ या ऐप का उपयोग करें। अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि कोई भी इस ज़रूरी काम में पीछे न रह जाए।  


  याद रखें:  

- 30 अप्रैल की डेडलाइन के बाद कोई विस्तार नहीं मिलेगा।  

- ई-केवाईसी पूरी करके ही सुनिश्चित करें कि आपका परिवार भूखा न रहे। 

  

स्रोत: मध्य प्रदेश खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अधिसूचना।

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