Kushinagar Murder Case: फर्जी शादी और सुहागरात के बहाने युवक की हत्या की सनसनीखेज साजिश

Kushinagar Murder Case: फर्जी शादी और सुहागरात के बहाने युवक की हत्या की सनसनीखेज साजिश  

   फर्जी पहचान और सोशल मीडिया के जाल में फंसा शिकार  

मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 45 वर्षीय इंद्र कुमार तिवारी की हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला और उसके साथियों ने फर्जी शादी कर उसकी संपत्ति हड़पने की साजिश रची। आरोपी साहिबा बानो ने खुद को "खुशी तिवारी" के रूप में पेश कर इंद्र कुमार को झांसे में ले लिया। उसने एक फर्जी आधार कार्ड बनवाया और सोशल मीडिया पर खुशी तिवारी के नाम से अकाउंट बनाकर इंद्र से बातचीत शुरू की।  

आरोपी साहिबा बानो और इंद्र तिवारी (मृतक)

इंद्र कुमार, जो अपनी शादी को लेकर परेशान थे, जल्द ही साहिबा के जाल में फंस गए। उसने अपने पति कौशल गौंड को अपना "भाई" बताकर इंद्र से मिलवाया और शादी का प्रस्ताव रखा। योजना के तहत कौशल ने इंद्र के घर जाकर उनके परिवार को भरोसा दिलाया कि वे एक अच्छे परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

   गोरखपुर में फर्जी शादी और सुहागरात का नाटक  

3 जून को इंद्र कुमार को गोरखपुर बुलाया गया, जहां उनसे एक हलफनामा लिखवाकर उनकी संपत्ति पर दावा करने की कोशिश की गई। 5 जून को कुशीनगर के एक होटल में फर्जी शादी का नाटक किया गया। साहिबा ने सिंदूर लगाकर शादी का दिखावा किया, जबकि कौशल और उनके साथी समसुद्दीन ने इंद्र को नींद की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया।  

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अचेत अवस्था में इंद्र को एक गाड़ी में ले जाकर कुशीनगर के सुकरौली इलाके में लाया गया, जहां चाकू से उनकी हत्या कर दी गई और शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने इंद्र के जेवरात और नकदी लूट ली।  

   पुलिस की जांच और गिरफ्तारी 

इंद्र कुमार के परिवार को जब उनकी लंबे समय तक कोई खबर नहीं मिली, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के बाद पुलिस ने साहिबा बानो, कौशल गौंड और समसुद्दीन को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने अपने जुर्म कबूल कर लिए और बताया कि उन्होंने क्राइम पेट्रोल जैसे सीरियल देखकर यह साजिश रची थी।  

इंद्र तिवारी और साहिबा बानो 
 

  संपत्ति हड़पने की मंशा और सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल 

पुलिस के अनुसार, साहिबा और कौशल ने इंद्र कुमार के बारे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा था, जिसमें वह अपनी 18 एकड़ जमीन और शादी न हो पाने की समस्या के बारे में बता रहे थे। इसी को देखकर उन्होंने उनकी संपत्ति हड़पने की योजना बनाई।  

इस मामले में पुलिस ने इंद्र कुमार का आधार कार्ड, जेवरात और नकदी बरामद की है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और अब कोर्ट में केस चल रहा है।  

   सबक: अकेले शादी के प्रस्तावों पर भरोसा न करें

यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए होने वाले धोखाधड़ी के मामलों की गंभीरता को उजागर करता है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अजनबियों पर भरोसा करने से पहले उनकी पूरी पृष्ठभूमि की जांच करें और परिवार के सदस्यों को साथ लेकर ही शादी जैसे फैसले लें।  

इस तरह की घटनाएं समाज में विश्वास की कमी को दर्शाती हैं, लेकिन सतर्कता और जागरूकता से ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।

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