सोनम और अजय की कोर्ट मैरिज पर हंगामा: परिजनों ने जमकर पीटा

गुना कोर्ट परिसर में हुई मारपीट, पुलिस को तैनात करना पड़ा

गुना, मध्य प्रदेश – गुना जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को एक युवक-युवती की कोर्ट मैरिज के बाद हिंसक झगड़ा हो गया। सोनम (23) और अजय (23) ने 9 जून को कोर्ट मैरिज की थी, जिसके बाद वे बयान देने पहुंचे थे। लेकिन सोनम के परिजनों को यह शादी मंजूर नहीं थी, जिसके चलते उन्होंने न केवल अजय और सोनम को पीटा, बल्कि अजय के परिजनों से भी मारपीट की।  

फोटो NBT

   क्या हुआ था पूरा मामला?  

दरअसल, अजय यादव गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के गांव कनारी का रहने वाला है, जबकि सोनम मीना कुंभराज क्षेत्र के कांदया खेड़ी गांव की निवासी है। दोनों ने 9 जून को कोर्ट मैरिज कर ली और शाम करीब 6:30 बजे कलेक्ट्रेट में बयान देने पहुंचे।

लेकिन, सोनम के परिजन पहले से ही वहां मौजूद थे। जैसे ही दोनों युवक-युवती वहां पहुंचे, सोनम के परिजनों ने अजय और उसके परिवार वालों पर हमला कर दिया। मारपीट इतनी भयानक हुई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और अपर कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।  

   लड़की पक्ष का गुस्सा: "हमें शादी मंजूर नहीं!" 

सोनम ने बाद में बताया कि उसने अपनी मर्जी से अजय से शादी की है, लेकिन उसके परिवार वालों को यह रिश्ता पसंद नहीं आया। सोनम मीना समाज से है, जबकि अजय यादव समाज का है। समाज के अंतर के कारण परिजनों ने इस शादी का विरोध किया।  

सोनम और अजय के वकील सीताराम यादव ने बताया कि दोनों बालिग हैं और उनकी शादी कानूनी रूप से वैध है। उन्होंने कोर्ट में बयान भी दिया है, लेकिन परिजनों ने इसके बावजूद हिंसा की।  

   क्या कहता है कानून?

भारतीय कानून के अनुसार, अगर कोई लड़का और लड़की बालिग हैं और अपनी मर्जी से शादी करना चाहते हैं, तो उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार है। अगर परिवार वाले धमकाते हैं या हिंसा करते हैं, तो यह गैरकानूनी है और पीड़ित पक्ष पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकता है।  

   क्या अब सोनम और अजय सुरक्षित हैं? 

हालांकि, कोर्ट ने दोनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और शादी को कानूनी मान्यता मिल चुकी है, लेकिन अब सवाल यह है कि क्या परिवार वाले उन्हें स्वीकार करेंगे? क्या दोनों को सुरक्षा मिल पाएगी? पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।  

   समाज की सोच पर सवाल 

यह मामला एक बार फिर समाज की संकीर्ण मानसिकता को उजागर करता है। आज भी कई जगहों पर अलग-अलग जातियों या समुदायों के बीच शादी को लेकर हिंसक विरोध होता है। ऐसे में युवाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है और सरकार व प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।  

  निष्कर्ष

सोनम और अजय की प्रेम कहानी पर परिवार के गुस्से ने हिंसा का रूप ले लिया, लेकिन कानून ने उनके प्यार को मान्यता दे दी है। अब देखना यह है कि क्या समाज उन्हें स्वीकार कर पाएगा या नहीं।

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