जबलपुर में सेना सम्मान की गूंज: कांग्रेस ने की 'जय हिंद सभा', नेताओं ने केंद्र पर दागे सवाल

जबलपुर। जहां एक ओर भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नारी शक्ति महासम्मेलन' को संबोधित किया, वहीं दूसरी ओर जबलपुर में कांग्रेस ने भारतीय सेना के सम्मान में भव्य 'जय हिंद सभा' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

फोटो सोर्स (Azaad Awaaz)

   शहीदों को श्रद्धांजलि, दिग्विजय सिंह का मंच बहिष्कार

  •  शुरुआत श्रद्धांजली से: कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शहर के शौर्य स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  •  दिग्विजय का प्रतीकात्मक विरोध: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक चर्चित कदम उठाते हुए मंच पर न बैठकर आम जनता के बीच बैठकर सभा में हिस्सा लिया। पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया के मंच पर चलने के आग्रह को भी उन्होंने ठुकरा दिया। यह उनके उस संकल्प का पालन था, जो उन्होंने ग्वालियर में एक कार्यक्रम में मंच पर जगह न मिलने के बाद लिया था।

   जीतू पटवारी का भाजपा-केंद्र पर हमला

  •  महिला अपमान पर सवाल: सभा को संबोधित करते हुए पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में पीएम मोदी के भाषण पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "पीएम नारी शक्ति की बात करते हैं, लेकिन उस मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं करते जो देश की बेटियों का अपमान कर रहा है। यह दोहरा चरित्र है।" (उनका संकेत केंद्रीय मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयानों की ओर था)।
  •  मप्र में महिला सुरक्षा पर चिंता: पटवारी ने मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर भी सवाल उठाए, "प्रदेश की बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है, लेकिन सरकार तमाशबीन बनी है।"
  •  विदेश नीति पर आरोप: उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हवाले से एक बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया, "विदेश मंत्री ने खुद कहा कि पाकिस्तान को हमले की जगह पहले बता दी थी। क्या यह देशहित है या दुश्मन देश के सामने मुखबिरी?"

   पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने उठाए सैन्य नीति पर सवाल

  •  सेना पूरे देश की: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने जोर देकर कहा, "सेना किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे देश की होती है। उनके पराक्रम पर कोई सवाल नहीं। सवाल सरकार की मंशा और पारदर्शिता पर है।"
  •  सीजफायर को लेकर सवाल: उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा, "सीजफायर की शर्तें स्पष्ट रूप से सार्वजनिक क्यों नहीं की गईं? क्या अमेरिकी राष्ट्रपति के कहने पर सीजफायर घोषित किया गया?" उन्होंने शिमला समझौते का हवाला देते हुए कहा कि भारत-पाक मुद्दों में तीसरे पक्ष को दखल नहीं देना चाहिए।
  •  इंदिरा गांधी का उदाहरण: बघेल ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के 1971 के युद्ध में मजबूत फैसलों का उदाहरण देते हुए वर्तमान स्थिति पर प्रश्नचिह्न लगाया।

   कमलनाथ ने किया जबलपुर के योगदान को याद

पूर्व सीएम कमलनाथ ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को सेना के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने जबलपुर के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "जबलपुर का गौरव है कि यहां गोली और बारूद बनती है।" उन्होंने भी 1971 के युद्ध और इंदिरा गांधी के अमेरिकी दबाव को नकारने का जिक्र किया।

   रिटायर्ड मेजर जनरल का मंत्री विजय शाह पर निशाना, सेना को चेतावनी

  •  मंत्री के बयानों की निंदा: रिटायर्ड मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने केंद्रीय मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयानों को "दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन केवल हाईकोर्ट ने ही संज्ञान लिया है।
  •  पूर्व सैनिकों की चेतावनी: मेजर जनरल श्रीवास्तव ने एक गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में लगभग 90 हजार पूर्व सैनिक और एक लाख से अधिक सक्रिय सैनिक हैं। उन्होंने कहा, "यदि भाजपा अपने मंत्री विजय शाह और जगदीश देवड़ा के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो प्रदेश के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरकर पार्टी के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।"

इस तरह जबलपुर में आयोजित 'जय हिंद सभा' सेना के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखे सवालों का मंच भी बन गई।

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