रावतभाटा में गोवंश के साथ अप्राकृतिक कृत्य: गिरफ्तारी के बाद समाज में आक्रोश
रावतभाटा में गोवंश के साथ अप्राकृतिक कृत्य: गिरफ्तारी के बाद समाज में आक्रोश
घटना की रिपोर्ट
राजस्थान के रावतभाटा क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक युवक को गोवंश के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाते हुए पकड़ा गया। यह घटना शुक्रवार की रात लगभग 1:30 बजे ईदगाह के पास हुई। एक गौरक्षक ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हंगामा
वीडियो के सार्वजनिक होते ही स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। क्षेत्र के निवासियों और गौरक्षक संगठनों के सदस्यों ने थाने पहुँचकर पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की। विरोध इतना तीव्र था कि पुलिस को तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।
आरोपी की गिरफ्तारी और जांच
पुलिस ने आरोपी युवक साहिल अब्बासी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, स्थानीय लोगों और गौरक्षक संगठनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा पर्याप्त कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
गौरक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया
इस मामले पर गौ रक्षा कमांडो फोर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद जाट ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आरोपी को कठोरतम दंड मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "गाय हमारे लिए केवल एक पशु नहीं, बल्कि मातृवत पूजनीय है। ऐसी घटनाएँ समाज के नैतिक पतन को दर्शाती हैं। हम सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।"
समाज में बढ़ता आक्रोश
इस घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है, बल्कि पशु क्रूरता के मामले में भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ समाज के लिए शर्मसार करने वाली हैं और इन्हें रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाने चाहिए।
क्या कहता है कानून?
भारतीय कानून के तहत पशुओं के साथ क्रूरता करने या अप्राकृतिक कृत्य करने पर सजा का प्रावधान है। "पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960" के तहत ऐसे अपराधों के लिए जुर्माना और कारावास की सजा हो सकती है। इसके अलावा, धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले मामलों में आईपीसी की धाराएँ भी लगाई जा सकती हैं।
निष्कर्ष: समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी
यह घटना न केवल कानून और व्यवस्था का मुद्दा है, बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों से भी जुड़ी हुई है। प्रशासन को चाहिए कि वह त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई करे, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही, समाज को भी जागरूक होकर पशु संरक्षण और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए।
(यह खबर स्थानीय स्रोतों और पुलिस रिपोर्ट्स पर आधारित है। आगे की जांच चल रही है।)

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