Starlink को मिलेगा भारत का तीसरा सैटकॉम लाइसेंस : ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की घोषणा,
दूरदराज़ के इलाक़ों को मिलेगा सबसे बड़ा फ़ायदा
ग्वालियर, 5 जून। एलन मस्क की प्रतिष्ठित सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) को जल्द ही भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने का लाइसेंस मिलने वाला है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को ग्वालियर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा देने वाली तीसरी कंपनी बनेगी।
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| केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया |
लाइसेंस के बाद क्या होगा?
- स्टारलिंक को स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा
- भारत के दूरस्थ क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा
- सैटेलाइट कनेक्टिविटी से दूरसंचार क्षेत्र को मजबूती मिलेगी
सिंधिया का बयान : "दूरसंचार गुलदस्ते में नया फूल"
संचार मंत्री ने स्टारलिंक के प्रवेश को रोमांचक बताते हुए कहा :
"यह हमारे दूरसंचार गुलदस्ते में एक नए फूल के जुड़ने जैसा है। पहले सिर्फ फिक्स्ड लाइन हुआ करती थी, लेकिन अब मोबाइल, ब्रॉडबैंड, ऑप्टिकल फाइबर के साथ सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी इसका अहम हिस्सा बन गई है।"
कौन हैं मौजूदा खिलाड़ी?
सिंधिया ने बताया कि अभी तक सिर्फ दो कंपनियों के पास सैटकॉम लाइसेंस हैं:
1. भारती एयरटेल की वनवेब (Bharti Airtel's OneWeb)
2. रिलायंस जियो की सैटेलाइट यूनिट (Reliance Jio Satellite)
ग्रामीण भारत को सबसे बड़ा लाभ
मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि स्टारलिंक के आगमन से दूरदराज़ के इलाक़ों को सबसे अधिक फ़ायदा होगा:
"जहां टावर लगाना या ऑप्टिकल फाइबर बिछाना मुश्किल है, वहां सैटेलाइट कनेक्टिविटी इंटरनेट पहुंचाने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका है। इससे देश का ग्राहक आधार तेजी से बढ़ेगा।"
अगले कदम क्या होंगे?
- लाइसेंस मिलते ही स्टारलिंक को स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा
- कंपनी को भारत में ग्राउंड इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा
- सेवाएं शुरू होने से डिजिटल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा
क्यों मायने रखता है स्टारलिंक?
- ग्लोबल नेटवर्क: 5,000+ सैटेलाइट्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा कॉन्स्टेलेशन
- हाई-स्पीड: 100-200 Mbps की स्पीड दूरस्थ क्षेत्रों में उपलब्ध कराएगा
- कवरेज: पहाड़ी, रेगिस्तानी और वनाच्छादित क्षेत्रों में बिना अवरोध के कनेक्टिविटी
विशेषज्ञों की राय:
"यह घोषणा भारत के स्पेसकॉम पॉलिसी फ्रेमवर्क को मजबूती देती है। स्टारलिंक के प्रवेश से ग्रामीण डिजिटलीकरण को गति मिलेगी और 5G पहुंच का विस्तार होगा।"
– राजन मैथ्यू, टेलीकॉम विश्लेषक
सिंधिया ने निष्कर्ष में कहा कि यह कदम 'डिजिटल भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है। सैटेलाइट सेवाओं की यह ट्रायमविरेट (OneWeb + Jio + Starlink) देश को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाने में मदद करेगी।

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