रिटायर्ड फौजी के साथ धोखा, रिश्तेदार ने घर के कागजात से ले लिया 2 करोड़ का लोन
जबलपुर: रिटायर्ड फौजी के साथ धोखाधड़ी, रिश्तेदार ने घर के कागजात से ले लिया 2 करोड़ का लोन
धोखेबाज रिश्तेदार ने किया बड़ा फ्रॉड
जबलपुर के गोराबाजार क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक रिटायर्ड फौजी प्रहलाद कुमार सेन के साथ उनके ही रिश्तेदार ने बड़ी धोखाधड़ी की है। रिश्तेदार ने भरोसे का फायदा उठाकर पहले तो उनसे करोड़ों रुपये की रकम ठगी और फिर उनके घर के कागजात का इस्तेमाल करके बैंक से 2 करोड़ रुपये का होम लोन भी ले लिया।
![]() |
| जबलपुर रिलेटिव के साथ फ्रॉड (फाइल फोटो) |
कैसे हुई घटना?
प्रहलाद कुमार सेन ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार ने उन्हें एक कंपनी में निवेश का लालच देकर पहले नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए 1.25 करोड़ रुपये ठग लिए। इसके बाद, उसने उनसे कहा कि वह उनके मकान का नामांकन करवा देगा और इस बहाने उनसे घर की रजिस्ट्री भी हासिल कर ली। बाद में पता चला कि उस रिश्तेदार ने उनके घर के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बैंक से 2 करोड़ रुपये का होम लोन भी ले लिया था।
जब प्रहलाद सेन को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने रिश्तेदार से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद, प्रहलाद सेन ने गोहलपुर थाने में रिश्तेदार के खिलाफ करीब 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
पुलिस ने शुरू की जांच
इस मामले में एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति ने थाना प्रभारी को शिकायत दी थी, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदार ने निवेश के नाम पर उनसे पैसे लिए और बाद में उनके घर की रजिस्ट्री भी हड़प ली। इसके अलावा, आरोपी ने उसी घर के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बैंक से 2 करोड़ रुपये का लोन भी निकाल लिया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी द्वारा सभी आरोपों की सत्यता जांची जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धोखाधड़ी के तरीके पर सवाल
यह मामला एक बार फिर से भरोसे और रिश्तों का फायदा उठाकर की जाने वाली धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है। आरोपी ने पीड़ित के साथ रिश्तेदारी का भरोसा दिखाकर पहले उनसे पैसे ठगे और फिर उनकी संपत्ति के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया।
ऐसे मामलों में अक्सर देखा जाता है कि पीड़ित व्यक्ति रिश्तेदारों या करीबियों पर अंधविश्वास करके अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज उन्हें सौंप देते हैं, जिसका बाद में गलत फायदा उठाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी को भी अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और इरादों के बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए।
पीड़ित को मिले न्याय की उम्मीद
प्रहलाद कुमार सेन एक रिटायर्ड फौजी हैं, जिन्होंने देश की सेवा की है। ऐसे में, उनके साथ हुई इस धोखाधड़ी ने न सिर्फ उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाया है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी ठेस पहुंचाई है। अब उन्हें पुलिस और कानूनी प्रक्रिया से न्याय मिलने की उम्मीद है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले की गहन जांच करेगी और यदि आरोपी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पीड़ित को उनकी संपत्ति और धन वापस दिलाने का भी प्रयास किया जाएगा।
सावधानी बरतने की जरूरत
इस घटना से सबक लेते हुए नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज, जैसे प्रॉपर्टी पेपर्स, बैंक डॉक्युमेंट्स या पहचान पत्र, बिना पूरी जांच-पड़ताल के न सौंपें। साथ ही, अगर कोई निवेश या अन्य लेन-देन का प्रस्ताव देता है, तो उसकी पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कोई कदम उठाएं।
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। पुलिस और प्रशासन भी ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करके पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

No comments: