रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल पहली बरसात में ही ढही, 500 करोड़ के प्रोजेक्ट पर सवाल

 रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल पहली बरसात में ही ढही, 500 करोड़ के प्रोजेक्ट पर सवाल  

मध्य प्रदेश के रीवा में 500 करोड़ रुपये की लागत से बना नया एयरपोर्ट पहली ही बारिश में खराब निर्माण कार्य की वजह से चर्चा में आ गया है। एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल का एक बड़ा हिस्सा बारिश के कारण धंसी जमीन की वजह से ढह गया। यह घटना एयरपोर्ट के शुरू होने के महज नौ महीने बाद ही सामने आई है, जिससे प्रशासन की ओर से की गई गुणवत्ता की जांच पर सवाल उठ रहे हैं।  

एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल का एक बड़ा हिस्सा बारिश से गिरा 

   क्या हुआ था?  

रीवा एयरपोर्ट, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2024 में किया था, उसकी बाउंड्री वॉल का एक हिस्सा हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद गिर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि दीवार के नीचे की मिट्टी बारिश के पानी से धंस गई, जिससे दीवार का संतुलन बिगड़ा और वह ढह गई।  

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एयरपोर्ट प्रशासन ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि बाउंड्री वॉल का उद्देश्य पानी को रोकना नहीं था, बल्कि यह सिर्फ सुरक्षा और सीमा चिन्हित करने के लिए बनाई गई थी। हालांकि, आम जनता और विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े बजट वाले प्रोजेक्ट में निर्माण सामग्री और डिजाइन की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया।  

   क्या कह रहा है एयरपोर्ट प्रशासन?

एयरपोर्ट के मैनेजर नवनीत चौधरी ने मीडिया को बताया कि बाउंड्री वॉल का निर्माण पानी के दबाव को झेलने के लिए नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, "बाउंड्री वॉल का मकसद सिर्फ हवा और अनाधिकृत प्रवेश को रोकना है, न कि बाढ़ या भारी बारिश के पानी को संभालना। हालांकि, इस घटना के बाद हम दीवार को नए डिजाइन के साथ मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।" 

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चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरपोर्ट का रनवे पूरी तरह सुरक्षित है और फ्लाइट ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा है।  

   रीवा एयरपोर्ट का महत्व और विवाद  

रीवा एयरपोर्ट को मध्य प्रदेश के छठे एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया गया है। इससे पहले भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और खजुराहो में हवाई अड्डे मौजूद हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 323 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जिसमें पांच गांवों की भूमि शामिल थी।  

   भविष्य की योजनाएं

  •  फिलहाल यहां से 19 सीटों वाले छोटे विमानों की उड़ानें संचालित हो रही हैं।  
  •  आने वाले समय में 72 सीटों वाले बड़े विमानों के लिए रनवे को अपग्रेड करने की योजना है।  
  •  एयरपोर्ट अथॉरिटी का दावा है कि इसे अगले 50 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।  

हालांकि, बाउंड्री वॉल के गिरने की घटना ने इसकी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

   नागरिकों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया 

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर बाउंड्री वॉल ही पहली बारिश में गिर सकती है, तो बड़े विमानों के लिए रनवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति क्या होगी? कुछ लोगों ने निर्माण कार्य में हुई लापरवाही की आशंका जताई है।  

इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाउंड्री वॉल को मजबूत फाउंडेशन और जल निकासी व्यवस्था के साथ बनाया जाना चाहिए था, खासकर उस इलाके में जहां भारी बारिश होती है।  

   क्या होगा आगे?

एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना के बाद मरम्मत का काम शुरू कर दिया है और नई डिजाइन के साथ दीवार को दोबारा बनाने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही, अन्य संरचनाओं की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी कोई और घटना न हो।  

हालांकि, इस पूरे मामले ने सरकारी परियोजनाओं में गुणवत्ता और निरीक्षण की कमी को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में जिम्मेदारी लेगा या फिर यह केवल एक "तकनीकी खामी" बताकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।

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