कार समेत नाले में बहा परिवार, महिला का शव बरामद, पिता और दो बच्चे अब भी लापता
भीषण बारिश में कार समेत नाले में बहा परिवार, महिला का शव बरामद, पिता और दो बच्चे अब भी लापता
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में भारी बारिश के बीच एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। रविवार की रात अमरकंटक रोड पर स्थित किरर घाट के सजहा नाले में एक कार बह गई, जिसमें एक परिवार के चार सदस्य सवार थे। रेस्क्यू अभियान के दौरान महिला का शव बरामद हुआ, लेकिन उसके पति और दोनों बच्चों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
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| घटनास्थल पर मौजूद पुलिस बल और ग्रामीण |
घटना के विवरण
घटना के विवरण के अनुसार, परिवार अमरकंटक घूमने के बाद अपने गांव किरर लौट रहा था। इस दौरान अचानक नाले में उफान आया और कार बह गई। स्थानीय लोगों और पुलिस को सूचना मिलते ही रेस्क्यू कार्य शुरू हुआ। देर रात तक चली खोजबीन के बाद प्रीति यादव नामक महिला का शव बकान नदी में मिला, जो घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था। हालांकि, कार समेत चंद्रशेखर यादव और उनके दोनों बच्चों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
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पुलिस और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू अभियान
पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। बताया जा रहा है कि इसी नाले में दो कारें बही थीं, जिनमें से एक कार के सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दूसरी कार, जो एक स्विफ्ट डिजायर थी, उसमें सवार परिवार का कोई अता-पता नहीं है। खोज अभियान में पुलिस, हाइवे यातायात टीम और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं।
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अनूपपुर पुलिस का क्या कहना है?
अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू टीम को तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि खोज जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है। लापता लोगों में चंद्रशेखर यादव उम्र 38 वर्ष, उनकी पत्नी प्रीति यादव उम्र 37 वर्ष, जो एक स्टाफ नर्स थीं, और उनके दो बच्चे शामिल हैं। प्रीति का शव मिल चुका है, लेकिन बाकी परिवार के सदस्यों का कोई पता नहीं चला है।
हादसे का मुख्य कारण
इस हादसे का मुख्य कारण अचानक नाले में आया बाढ़ जैसा पानी बताया जा रहा है। भारी बारिश के कारण पानी का स्तर तेजी से बढ़ा, जिससे कार नियंत्रण से बाहर हो गई। सड़क पर पानी भर जाने के कारण दृश्यता भी कम हो गई थी, जिससे ड्राइवर को कार संभालने में दिक्कत हुई। इसके अलावा, नाले के पास चेतावनी के संकेतों का अभाव भी एक बड़ा कारण हो सकता है। अक्सर ऐसे खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगे होते, जिससे ऐसी दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
अब आगे की कार्रवाई
अब आगे की कार्रवाई की बात करें तो सबसे पहले लापता लोगों की तलाश जारी है। एनडीआरएफ की टीम को भी मदद के लिए बुलाया जा सकता है। मृतका का पोस्टमार्टम कराकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साथ ही, प्रशासन इस घटना से सबक लेते हुए सड़क सुरक्षा के उपायों पर भी गौर कर सकता है। नाले के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाने और बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
निष्कर्ष
यह घटना एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के समय सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है। अभी भी तीन लोगों की तलाश जारी है, और उम्मीद की जा रही है कि वे सुरक्षित मिलेंगे। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हुए हैं।
(यह खबर अपडेट होते ही और जानकारी दी जाएगी।)

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