जॉन अब्राहम का बयान: "छावा और द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों का सफल होना डरावना है"

 जॉन अब्राहम का बयान: "छावा और द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों का सफल होना डरावना है"  

   राजनीतिक फिल्मों पर जॉन का विवादित बयान 

जॉन अब्राहम ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बॉलीवुड में बढ़ रही राजनीतिक फिल्मों के ट्रेंड पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि "छावा" और "द कश्मीर फाइल्स" जैसी फिल्मों को दर्शकों का भारी समर्थन मिलना "डरावना" है। उनके मुताबिक, इन फिल्मों को एक खास एजेंडे के तहत बनाया जाता है, जो लोगों की सोच को "हाइपर-पॉलिटिकल" माहौल में बदलने का काम करता है।

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हालांकि, जॉन खुद कई देशभक्ति और राजनीतिक थीम वाली फिल्मों में काम कर चुके हैं। उनकी आगामी फिल्म "तेहरान" भी एक राजनीतिक थ्रिलर है, जो 2012 के इजरायली दूतावास बम विस्फोट की घटना पर आधारित है। इसके बावजूद, वह राजनीति से दूरी बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।  

   "मैं न राइट विंग हूं, न लेफ्ट विंग" 

जॉन ने साफ किया कि वह किसी भी राजनीतिक विचारधारा का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा, "मैं न तो राइट विंग का हूं, न ही लेफ्ट विंग का। मैं राजनीति से दूर हूं। लेकिन आजकल राइट विंग वाली फिल्मों का बोलबाला है, जो मुझे परेशान करता है।"  

उन्होंने आगे कहा कि एक फिल्ममेकर के रूप में उनके सामने हमेशा यह दुविधा होती है कि क्या वे सिर्फ पैसा कमाने वाली फिल्में बनाएं या वही करें जो वे सही मानते हैं। जॉन ने दावा किया कि उन्होंने हमेशा दूसरा रास्ता चुना है।

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   "छावा और द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्में नहीं बनाऊंगा"  

जब उनसे पूछा गया कि क्या वे "छावा" या "द कश्मीर फाइल्स" जैसी फिल्में बनाएंगे, तो जॉन ने स्पष्ट जवाब दिया – "नहीं, मैंने ऐसी फिल्में नहीं देखीं, लेकिन मुझे पता है कि लोगों को ये पसंद आई हैं। हालांकि, अगर कोई फिल्म सिर्फ इसलिए बनाई जाती है कि वह लोगों की सोच को एक खास राजनीतिक दिशा में मोड़ सके, तो यह डरावना है। मैं कभी ऐसी फिल्म नहीं बनाऊंगा।"  

   "तेहरान" – जॉन की नई राजनीतिक थ्रिलर 

जॉन अब्राहम फिलहाल अपनी आगामी फिल्म "तेहरान" के प्रमोशन में व्यस्त हैं। यह फिल्म 2012 में दिल्ली में हुए इजरायली दूतावास बम विस्फोट की घटना पर आधारित है। इसमें जॉन ने दिल्ली पुलिस ऑफिसर राजीव कुमार का रोल निभाया है, जो इस बम विस्फोट की जांच करता है।  

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फिल्म की कहानी में एक ट्विस्ट तब आता है जब भारत सरकार राजीव कुमार को अपना आदमी मानने से इनकार कर देती है। "तेहरान" में मानुषी छिल्लर, नीरू बाजवा और मधुरिमा तुली भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म को अरुण गोपालन ने डायरेक्ट किया है और यह 14 अगस्त को ZEE5 पर रिलीज होगी।  

   सेंसरशिप पर जॉन का स्टैंड  

जॉन ने सेंसरशिप पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "हमें सेंसरशिप की जरूरत है, लेकिन जिस तरह से इसे हैंडल किया जाता है, वह सवाल खड़े करता है।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका सेंसर बोर्ड के साथ का अनुभव अच्छा रहा है और उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी से फिल्में बनाई हैं।  

   निष्कर्ष  

जॉन अब्राहम का यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग उनकी बात से सहमत हैं, तो कुछ का मानना है कि वह खुद राजनीतिक फिल्में बनाने के बावजूद दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं। बहरहाल, "तेहरान" की रिलीज के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि जॉन की अपनी फिल्म कितनी "राजनीतिक" होगी।

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