भागवत कथा के दौरान पंडाल पर गिरी बिजली, 1 की मौत और 25 घायल

   घटना का सारांश  

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के सेमरा गांव में शुक्रवार शाम भागवत कथा के आयोजन के दौरान एक भयानक घटना घटी। अचानक पंडाल पर आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि 25 लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।   

फोटो सोर्स Patrika

  घटना का विवरण 

   कब और कहाँ हुई घटना?  

  •  स्थान: सेमरा गांव, कराहल विकासखंड, श्योपुर जिला (मध्यप्रदेश)  
  •  समय: शुक्रवार शाम लगभग 4:30 बजे  
  •  आयोजन: गांव के हनुमान मंदिर परिसर में भागवत कथा चल रही थी।  

   क्या हुआ? 

  •  अचानक तेज बारिश और आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरी।  
  •  बिजली सीधे पंडाल के पास खड़े एक जामुन के पेड़ पर गिरी, जिससे करंट फैल गया।  
  •  कथा सुन रहे श्रद्धालुओं पर बिजली का प्रभाव पड़ा, जिससे भगदड़ मच गई।  

   हताहतों की स्थिति 

  •  मृतक: गीता (27 वर्ष), देवराज आदिवासी की पत्नी, सेमरा निवासी।  
  •  घायल: 25 लोग (जिनमें 5 की हालत गंभीर)  
  •  घायलों को पहले कराहल अस्पताल ले जाया गया, फिर गंभीर मरीजों को श्योपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया।   

   प्रशासन की प्रतिक्रिया  

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।  

  •  एसडीएम मनोज गढ़वाल ने बताया कि घटना में एक महिला की दुखद मौत हुई है और करीब 25 लोग घायल हुए हैं।  
  •  मेडिकल टीम ने घायलों का तुरंत इलाज शुरू किया।  
  •  पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता देने का आश्वासन दिया गया।  

   क्यों हुई ऐसी दुर्घटना?  

मौसम विभाग के अनुसार, उस दिन अचानक बदलते मौसम के कारण बिजली गिरने की संभावना थी। पंडाल खुले मैदान में लगा था और बिजली से बचाव के लिए कोई विशेष प्रबंध नहीं था।  

   बिजली गिरने से कैसे बचें?  

1. खुले मैदान में धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली अवरोधक (Lightning Arrester) लगाएं।  

2. तेज बारिश या आंधी के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों।  

3. मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें। 

   स्थानीय लोगों और परिवार की प्रतिक्रिया

  •  गांव वाले सदमे में हैं, कई लोगों ने बताया कि ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई।  
  •  मृतका गीता के परिवार में मातम छा गया है। उनके दो छोटे बच्चे हैं।  
  •  घायलों के परिजन अस्पताल में उनके इलाज की प्रतीक्षा कर रहे हैं।   

  निष्कर्ष  

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बड़ी चेतावनी है कि खुले आसमान के नीचे आयोजन करते समय मौसम की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। प्रशासन को ऐसे आयोजनों के लिए सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।  

  सतर्कता_ही_सुरक्षा_है

यह खबर स्थानीय प्रशासन और एसडीएम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर लिखी गई है।

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