नौकरी के झांसे में दुष्कर्म: समनापुर के सहायक यंत्री पर जबलपुर में मामला दर्ज
पीड़िता को सरकारी नौकरी का लालच देकर डिंडौरी ले गया आरोपित; पुलिस ने किया गिरफ्तार
घटना का संक्षिप्त विवरण
जबलपुर के कुंडम थाने में शनिवार रात एक चौंकाने वाला मामला दर्ज किया गया। यहाँ रहने वाली 35 वर्षीय एक महिला ने समनापुर जनपद में तैनात सहायक यंत्री पंकज सिंह परिहार पर नौकरी का झांसा देकर कार में दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। आरोपित को रविवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया।
कैसे शुरू हुआ सिलसिला?
मुलाकात और बढ़ती नजदीकियाँ
- जबलपुर के गढ़ा इलाके की पीड़िता की कुछ महीने पहले पंकज सिंह से दोस्ती हुई।
- दोनों के बीच फोन पर नियमित बातचीत होने लगी। आरोपित ने महिला को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।
झांसा और डिंडौरी यात्रा
- पंकज ने डिंडौरी जिले के पंचायत विभाग में खाली पदों का हवाला देकर महिला को ज़िले बुलाया।
- शनिवार सुबह महिला जबलपुर से डिंडौरी पहुँची। आरोपित ने उसे अमरकंटक में एक अधिकारी से मिलवाने का बहाना बनाया। Freejobalert
दुष्कर्म और धमकी का दावा
कार में हमला
- अमरकंटक से वापसी के दौरान पंकज ने कार में महिला के साथ दुष्कर्म किया।
- उसने महिला को जान से मारने की धमकी देकर जबलपुर के दीनदयाल बस स्टैंड पर छोड़ दिया।
पुलिस में शिकायत
- पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट कुंडम थाने में दर्ज कराई।
- केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत दर्ज किया गया।
आरोपित का रेकॉर्ड: पहले भी घिर चुका है विवादों में
2 साल पहले की घटना
- पंकज सिंह करंजिया जनपद में तैनाती के दौरान एक विवाद में घिर गए थे।
- स्थानीय लोगों ने उनकी पिटाई की थी। इसके बाद उन्हें जिला पंचायत कार्यालय में अटैच कर दिया गया।
समनापुर में नई तैनाती
- कुछ दिन पहले ही उन्हें समनापुर जनपद में सहायक यंत्री का पद मिला था।
- पुलिस उनके पिछले रिकॉर्ड की जाँच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
- घटना की रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने पंकज सिंह की तलाश शुरू की।
- रविवार को वह जबलपुर से फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
- फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया है और पूछताछ जारी है।
आरोपों का खंडन और चुनौतियाँ
- पंकज सिंह ने सभी आरोपों को "निराधार" बताया है।
- उनके वकील का कहना है कि यह एक साजिश हो सकती है, हालाँकि पुलिस अभी तक इस ओर कोई सबूत नहीं ढूंढ पाई है।
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समाज और कानून के सामने सवाल
1. नौकरी के झांसे में शोषण: यह मामला युवाओं को नौकरी के लालच में फँसाने की समस्या को उजागर करता है।
2. अपराधियों का दोबारा सिस्टम में घुसपैठ: आरोपित का पहले विवादों में घिरना सवाल खड़ा करता है कि संदिग्ध इतिहास वाले लोगों को नई ज़िम्मेदारियाँ क्यों दी जाती हैं?
3. पीड़िता के लिए न्याय: केस की त्वरित सुनवाई और सख्त सजा समाज में भरोसा बहाल करने के लिए ज़रूरी है।
निष्कर्ष: सतर्कता और सामूहिक जिम्मेदारी
यह घटना न सिर्फ़ एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि समाज में फैले भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा की चुनौतियों को दिखाती है। ऐसे मामलों में:
- नौकरी या अन्य लाभ के वादों पर संदेह करें और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।
- पुलिस और प्रशासन को ऐसे आरोपियों के खिलाफ़ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
- समाज को पीड़िताओं का साथ देकर न्याय प्रक्रिया को मजबूत बनाना होगा।
अपडेट: फिलहाल, आरोपित की जमानत याचिका पर अदालत ने निर्णय सुरक्षित रखा है। पुलिस मामले में गवाहों और डिजिटल सबूत जुटा रही है।

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