पापा, मैं सुरक्षित हूँ..." लेकिन विमान हादसे ने छीन ली पायल की जिंदगी
एक पिता का सपना और बेटी की पहली उड़ान: पायल की दर्दनाक कहानी
अहमदाबाद विमान हादसे ने छीनी 265 जिंदगियाँ
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| पायल खटीक ( image- NBT) |
गुरुवार की दोपहर, अहमदाबाद का आसमान एक भयानक त्रासदी का गवाह बना। एअर इंडिया का विमान टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 265 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान चली गई। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया, लेकिन एक युवती की कहानी ने सबका दिल दहला दिया – पायल खटीक, जो अपनी पहली हवाई यात्रा पर लंदन जा रही थी।
पायल का सपना और एक पिता का संघर्ष
पायल खटीक राजस्थान की मूल निवासी थी, लेकिन पिछले कई सालों से उसका परिवार गुजरात के हिम्मतनगर में रह रहा था। उसके पिता, सुरेशभाई खटीक, एक लोडिंग रिक्शा चालक थे, जिन्होंने कड़ी मेहनत करके अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया। पायल ने एक निजी कंपनी में नौकरी पाकर अपने पिता के संघर्षों को सार्थक किया था।
उसकी कंपनी ने उसे लंदन भेजने का निर्णय लिया था। यह उसकी पहली हवाई यात्रा थी, और वह बेहद उत्साहित थी। जाते समय उसने अपने पिता से कहा था – "पापा, चिंता मत करना, मैं संभलकर जाऊँगी।" लेकिन किसे पता था कि यह उसकी आखिरी यात्रा साबित होगी?
वह भयानक पल: विमान ने खो दिया नियंत्रण
दोपहर 1:39 बजे, विमान ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद यह अचानक नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान तेजी से नीचे गिरा और अहमदाबाद के मेघानी नगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज की मेस बिल्डिंग से टकरा गया।
इसके बाद विमान पास के अतुल्यम हॉस्टल से भी जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पूरा विमान आग के गोले में तब्दील हो गया। आसपास के लोगों ने धुएँ और चीखों की आवाजें सुनीं। मलबे के बीच से किसी के बचने की उम्मीद नहीं थी।
एक परिवार का सपना टूट गया
जब पायल के परिवार को इस दुर्घटना की खबर मिली, तो उनका जीवन अंधकारमय हो गया। उसकी माँ बेहोश हो गईं, और पिता सुरेशभाई फूट-फूटकर रोने लगे। वह बार-बार कह रहे थे – "मैंने अपनी बेटी को इतनी मेहनत से पाला, उसे पढ़ाया... और आज वह चली गई।"
पायल की कहानी उन हजारों मेहनती युवाओं की कहानी है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं। लेकिन कभी-कभी नियति उनके सपनों को पूरा होने से पहले ही छीन लेती है।
राष्ट्रीय शोक और मदद की पहल
इस भयावह हादसे ने पूरे देश को हिला दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए अहमदाबाद पहुँचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने एक उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए और पीड़ित परिवारों को मदद का आश्वासन दिया।
- गुजरात सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
- केंद्र सरकार ने आपदा राहत फंड से मदद का वादा किया।
क्या सबक देती है यह दुर्घटना?
यह हादसा न सिर्फ विमान सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि जीवन कितना अनिश्चित है। पायल जैसे कितने ही युवा अपने सपनों को पंख देने के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन कभी-कभी वे सपने उनके जीवन से पहले ही टूट जाते हैं।
इस दुर्घटना ने एक पिता के संघर्ष को, एक बेटी के सपनों को और एक परिवार के दर्द को पूरे देश के सामने ला दिया है। पायल की कहानी सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि उन हज़ारों सपनों की कहानी है, जो आज धूल में मिल गए।
>"कभी-कभी जिंदगी इतनी बेदर्द हो जाती है कि सपनों को पूरा होने का मौका भी नहीं देती..."

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