मध्यप्रदेश के 12 मंत्री पर दर्ज हैं आपराधिक मामले, टॉप पर कैलाश विजयवर्गीय!
मध्यप्रदेश के 12 मंत्री पर दर्ज हैं आपराधिक मामले, टॉप पर कैलाश विजयवर्गीय!
मध्यप्रदेश में सरकार चलाने वाले 31 मंत्रियों में से 12 मंत्री आपराधिक मामलों में फंसे हुए हैं।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
इन 12 मंत्रियों में से 3 पर गंभीर आरोप दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, भड़काऊ बयान और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक व्यवहार जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। बाकी 9 मंत्रियों पर मामूली धाराओं में मामला दर्ज है।
कौन-कौन हैं सबसे चर्चित मंत्री?
कैलाश विजयवर्गीय – 5 एफआईआर
मध्यप्रदेश सरकार के सीनियर नेता और भाजपा के बड़े चेहरा कैलाश विजयवर्गीय पर कुल 5 एफआईआर दर्ज हैं।
इनमें शामिल हैं –
- भड़काऊ बयान
- साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना
- धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना
ज्यादातर मामले पश्चिम बंगाल के विभिन्न कोर्ट में चल रहे हैं। अभी तक कोई आरोप तय नहीं हुआ है।
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इंदर सिंह परमार – हत्या के प्रयास का मामला
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर परमार पर दो आपराधिक मामले लंबित हैं।
- एक मामला हत्या के प्रयास (IPC 307) का था, जिसमें 85 दिन की जेल सजा और 1500 रुपये का जुर्माना भी हुआ।
- इसके अलावा हथियार के साथ दंगा भड़काने (धारा 148) और उकसाने (धारा 109) के आरोप भी शामिल हैं।
फिर भी, कई मामले अब भी कोर्ट में लंबित हैं।
दिलीप जायसवाल – धोखाधड़ी और जालसाजी
कोतमा से भाजपा विधायक दिलीप जायसवाल पर जालसाजी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
- IPC 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471, 409, 413, 34 धाराओं के तहत मामला लंबित।
यह मामला एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट जबलपुर में अभी तक चल रहा है।
दिलीप अहिरवार – जुआ और चोट पहुंचाने का मामला
चंदला से विधायक दिलीप अहिरवार पर तीन मामले दर्ज हैं।
- इनमें कोई गंभीर धाराएं नहीं हैं।
- जुआ खेलने, चोट पहुंचाने (धारा 323) और सामान्य गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज।
इन मामलों में जुर्माना लगाया जा चुका है।
अन्य मंत्री जिन पर आपराधिक मामला लंबित
- गोविंद सिंह राजपूत – लोक सेवक आदेश की अवहेलना के आरोप।
- नागर सिंह चौहान – मोटर व्हीकल एक्ट व प्रतिबंध कानून के तहत मामला।
- गौतम टेटवाल और नारायण सिंह पंवार – लोक सेवक आदेश अवहेलना, गलत तरीके से रोकने आदि के मामले।
- लखन सिंह पटेल – अश्लीलता से जुड़ा मामला।
- उदय प्रताप सिंह और तुलसीराम सिलावट – लोक सेवक आदेश की अवहेलना।
- प्रद्युम्न सिंह तोमर – उकसाने और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत मामले।
इन सभी मामलों में अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं। सभी मामले अदालतों में लंबित हैं।
एडीआर क्या है?
ADR यानी Association for Democratic Reforms एक गैर-सरकारी संगठन है।
- यह चुनावी प्रक्रिया, उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, शैक्षणिक योग्यता और आर्थिक स्थिति को जनता तक पहुंचाने का काम करता है।
- भारत के 27 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र सरकार के कुल 643 मंत्रियों के चुनावी एफिडेविट का विश्लेषण करके यह रिपोर्ट बनाई गई है।
- एडीआर स्पष्ट करती है कि मामलों की स्थिति बदल भी सकती है।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार के मंत्रियों में से एक बड़ी संख्या आपराधिक मामलों में फंसी है।
यह रिपोर्ट एक बार फिर यह सवाल उठाती है –
👉 क्या ऐसे नेताओं को जनता का प्रतिनिधि बनाना उचित है?
जैसे-जैसे मामले कोर्ट में आगे बढ़ेंगे, साफ तस्वीर सामने आएगी। लेकिन फिलहाल जनता के लिए यह रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण चेतावनी की तरह है।
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